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झाड़ोल और फलासिया में बिना दर्द दाँत निकालना

जो दाँत बचाया न जा सके, उसे सुन्न करके आराम से निकालना।

जहाँ भी समझदारी हो, हम दाँत बचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब दाँत मसूड़े के नीचे तक टूट गया हो, जड़ तक चिर गया हो, मसूड़ों की पुरानी बीमारी से हिल रहा हो, या अक्कल दाढ़ फँसी हो और बार-बार पक रही हो, तब उसे निकालना ही सही इलाज है। ठीक से सुन्न करके निकाला जाए तो दाँत निकलवाने में दर्द नहीं होना चाहिए।

आने से पहले

  • जब तक हमने मना न किया हो, पहले सामान्य खाना खाकर आएँ — खाली पेट चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है।
  • आप जो भी दवा लेते हैं, खासकर खून पतला करने वाली, और दिल की बीमारी, शुगर या गर्भावस्था के बारे में हमें बताएँ।
  • पुराने एक्स-रे या पर्चे साथ लेकर आएँ।

बाद की देखभाल — पहले 24 घंटे सबसे जरूरी

  • रुई के फोहे को 30 से 45 मिनट मजबूती से दबाकर रखें, बार-बार निकालकर देखें नहीं।
  • 24 घंटे तक कुल्ला न करें, जोर से न थूकें, और स्ट्रॉ से कुछ न पिएँ। इससे ही खून का थक्का उखड़ता है और कुछ दिन बाद तेज़ दर्द होता है।
  • बीड़ी-सिगरेट नहीं, तंबाकू नहीं, गुटखा नहीं। तंबाकू ही घाव में दर्द और देर से भरने का सबसे आम कारण है।
  • नरम और ठंडा खाना खाएँ। पहले दिन बहुत गरम चाय और मिर्च से बचें।
  • दर्द की दवा और एंटीबायोटिक ठीक वैसे ही लें जैसे लिखा गया है, और कोर्स पूरा करें।
  • अगले दिन से खाने के बाद गुनगुने नमक के पानी से हल्का कुल्ला करें।

हमें कब फोन करें

दो-तीन दिन थोड़ा खून, सूजन और तकलीफ रहना सामान्य है। क्लिनिक पर फोन करें अगर एक घंटे मजबूती से दबाने पर भी खून न रुके, तीसरे-चौथे दिन दर्द अचानक बहुत बढ़ जाए, बुखार आ जाए, या मुँह ठीक से न खुले।

खाली जगह हमेशा के लिए न छोड़ें

पीछे का दाँत निकलवाकर जगह खाली छोड़ दी जाए, तो ऊपर वाला दाँत नीचे उतर आता है और बगल के दाँत उस खाली जगह की तरफ टेढ़े हो जाते हैं। चबाना दूसरी तरफ चला जाता है और वह तरफ जल्दी घिसती है। दाँत निकलवाते समय ही हमसे पूछ लें कि जगह इम्प्लांट या ब्रिज से भरनी चाहिए या नहीं, और सालों बाद दिक्कत पता चलने के बजाय पहले से योजना बना लें।

यह इलाज कहाँ होता है

इस इलाज के बारे में मरीज़ों के सवाल

क्या दाँत निकलवाने में दर्द होता है?

पहले उस जगह को सुन्न करने वाले इंजेक्शन से पूरी तरह सुन्न कर दिया जाता है, इसलिए निकालते समय दबाव और हलचल महसूस होती है, दर्द नहीं। सिर्फ सुन्न करने वाला इंजेक्शन थोड़ी देर महसूस होता है। बाद में आमतौर पर दो-तीन दिन हल्की तकलीफ रहती है, जो लिखी गई दर्द की दवा से ठीक हो जाती है।

दाँत निकलवाने के बाद घाव भरने में कितना समय लगता है?

मसूड़ा लगभग एक से दो हफ्ते में भर जाता है, और नीचे की हड्डी करीब तीन महीने में भरती है। तंबाकू से बचना और पहले 24 घंटे कुल्ला या थूकना न करना — घाव आराम से भरने में इनका सबसे बड़ा असर पड़ता है।

मेरी अक्कल दाढ़ बार-बार पक जाती है। क्या उसे निकालना पड़ेगा?

अगर अक्कल दाढ़ आधी मसूड़े में दबी है और उसके नीचे खाना जमा होता रहता है, तो संक्रमण बार-बार होगा और आगे की स्वस्थ दाढ़ को भी नुकसान पहुँचा सकता है। ऐसी स्थिति में आमतौर पर निकालने की सलाह दी जाती है। जो अक्कल दाढ़ पूरी निकल आई हो, सीधी हो और साफ की जा सकती हो, उसे छोड़ा जा सकता है। हमारे झाड़ोल या फलासिया क्लिनिक पर एक्स-रे से पता चल जाता है कि आपकी कौन सी स्थिति है।

बीपी या शुगर होने पर दाँत निकलवाया जा सकता है?

हाँ, ज़्यादातर मामलों में, बशर्ते बीमारी काबू में हो। अपनी चालू दवाएँ और हाल की रीडिंग या रिपोर्ट साथ लाएँ। हम शुरू करने से पहले आपका बीपी देख सकते हैं, सुबह का समय दे सकते हैं, और सुन्न करने वाली दवा बदल सकते हैं। खून पतला करने वाली दवा अपने मन से कभी बंद न करें — हमें बताएँ ताकि हम उसी हिसाब से योजना बनाएँ।

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पहले दंत चिकित्सक से बात करें

अपने पुराने एक्स-रे या पर्चे साथ ले आएँ। इलाज शुरू करने से पहले आपको बताया जाएगा कि समस्या क्या है और किस विकल्प का कितना खर्च है।

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